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11 शादियां करने वाले महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े बहादुरी के किस्से

मित्रों वैसे तो सोशल मीडिया के माध्यम आप लोगों कई ऐसी जानकरियां मिली होगी जिनसे आप लोग अनजान होगें, आज भी इस लेख के माध्यम से ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आये है, जिसके संबध में शायद ही आप लोगों को पता होगा। आपको बता दें कि इतिहास से जुडी कुछ ऐसी घटनायें है, जिनके संबंध में जानने के पश्चात आप लोग भी सोच में पड़ जायेगें। हालाकि हमारे देश में कई ऐसे शासक हुये है, जो हमारे देश में अपना अधिकार ज़माने के लिए न जाने कितने युद्ध लड़े और सफलता भी हासिल की है पर कुछ शासक ऐसे भी थे,जिनकी अजीबो गरीब शादियां काफी चर्चित रही है। इसी क्रम में आज हम महाराणा प्रताप के संबंध में कुछ खास जानकारी देने वाले है, क्योंकि इन्होंने 11 शादियां की थी, पर इनकी एक पत्नी ने इनका हर कदम पर साथ दिया था।

आपको बता दें कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के 13वें राजा थे और उदय सिंह द्वितीय के सबसे बड़े पुत्र थे एक ओर शत्रुओं पर भाले से कहर बरपाने वाला शूरवीर, तो दूसरी ओर उन्हीं शत्रुओं के परिवार की स्त्रियों के सम्मान पर आंच न आने देने वाला नायक इस नायक के व्यक्तित्व को गढ़ने में उनके आस-पास उपस्थित रहीं स्त्रियों का सहयोग काफी अहम रहा है 20 माताओं के प्रतापी पुत्र, 20 बहनों के भाई और 5 बेटियों के पिता महाराणा प्रताप को यूं ही नहीं आज भी लोग इतने गर्व से इनका नाम लेते है। वहीं रानी कर्णावती की बहादुरी, पन्ना धाय के त्याग और महारानी जयवंता बाई की बुद्धिमानी के किस्से, उनसे मिले संस्कारों ने महाराणा प्रताप को एक अमर नायक बना दिया। जानकारी के लिये बताते चले कि महाराणा प्रताप की दादी रानी कर्णावती की बहादुरी के किस्से लोक गीतों का हिस्सा बन चुके हैं 16वीं सदी में मेवाड़ के शासक राणा सांगा से विवाह के बाद महारानी कर्णावती ने दरबार की राजनीति से लेकर युद्ध के मैदान तक उनका साथ दिया राणा सांगा यानी राणा संग्राम सिंह सिसौदिया से बहुत कम उम्र में विवाह हो गई थी अपनी बुद्धिमत्ता और जानकारी से वह राज्य के कामकाज में जिम्मेदारियां उठाने लगीं राणा सांगा की मौत के बाद उन्होंने सौतेले बेटे रतन सिंह को गद्दी पर बैठाया, जो 1531 में एक युद्ध में मारे गए जब गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह के हमले का खतरा बढ़ा तो रानी कर्णावती ने राजपूतों को एकजुट किया और मुगल सम्राट हुमांयू को राखी बांध राज्य की सुरक्षा का प्रबंध किया। 1535 में बहादुर शाह ने मेवाड़ पर आक्रमण किया तो उन्होंने अपने सैनिकों के साथ डटकर उसका मुकाबला किया। बहादुर शाह की बड़ी सेना के सामने हार होते देख उन्होंने 8 मार्च 1535 को जौहर कर लिया महाराणा प्रताप ऐसे राजपूत राजा थे, जिन्होंने अपने जीते जी मुगल सम्राट अकबर को मेवाड़ और उसके आसपास चैन से नहीं रहने दिया।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि रानी कर्णावती के बाद राणा सांगा के भतीजे बनवीर ने सत्ता हथिया ली। वहीं उदयसिंह द्वितीय को मारने के लिए चला, इसका समाचार मिलते ही पन्ना धाय ने उदयसिंह के स्थान पर अपने बेटे को ही सुला दिया। अपने बेटे का बलिदान देकर पन्ना धाय ने महाराणा प्रताप के पिता की जान बचाई। त्याग और बहादुरी के ऐसी ही गाथाएं सुनते ही राणा प्रताप बड़े हुए, उदयसिंह द्वितीय और महारानी जयवंता बाई से महाराणा प्रताप का जन्म हुआ उदयसिंह की दूसरी रानी धीर बाई भटियानी अपने बेटे को राजा बनाने के लिए जयवंता बाई के विरूद्ध षड्यंत्र प्रारम्भ कर दिए जयवंता बाई नन्हे प्रताप को चित्तौड़ दुर्ग के नीचे एक हवेली में रहने चली गईं जहां उन्होंने प्रताप को एक शूरवीर योद्धा के तौर पर गढ़ा, उन्हें जाबांज बनाया वह स्वयं भी बहुत बढ़िया घुड़सवार थीं उन्होंने प्रताप को घुड़सवारी में दक्ष किया और बेहतरीन रणनीतिकार भी बनाया अपने संकल्पों पर अडिग रहने के संस्कार दिए, किताब “महाराणा प्रताप: दि इनविसिबल वॉरियर” लिखने वाली इतिहासविद रीमा हूजा के मुताबिक महाराणा प्रताप ने 11 शादियां की थीं जिनमें से महारानी अजबदे पंवार उनको सबसे प्रिय थीं वर्ष की अजबदे से विवाह करने वाले 17 वर्ष के प्रताप के प्यार की गवाही देते गढ़ महल के अवशेष आज भी बिजोलिया में उपस्थित है विरूद्ध युद्ध के दौरान अपने बच्चों को लेकर जंगल में भी उनके साथ डटी रहीं कहते हैं कि प्रताप जब अजबदे को देखते थे, तो उन्हें मां की याद आ जाती थी उनकी एक और रानी फूल बाई राठौर भी उतनी ही साहसी थीं और राजकाज के मामलों में उनकी सहायता भी करती थीं माना जाता है कि फूल बाई और प्रताप बचपन के साथी थे इनके साथ ही रानी अमरबाई राठौर, रानी जसोबाई, रानी आलमदेबाई, रानी चंपा कंवर, रानी लखाबाई, रानी सोलंखिनीपुर बाई, रानी शाहमती बाई, रानी रत्नावती बाई परमार और रानी खीचर आशाबाई से भी शादियां की थीं। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों कि क्‍या प्रति क्रियायें है? कमेंट बॉक्‍स में अवश्‍य लिखें। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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