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मम्मी पापा हम आपकी लड़ाई से तंग होकर जा रहे है,रुला देने वाला खत लिखकर भाई बहन ने छोड़ा घर

मित्रों इस बात में तो कोई दो राय नही है कि आज के समय में अधिकतर घरों में ग्रह कलह या लड़ाई झगड़े होना आम बात हो गई है। घरों पर होने वाले इन झगड़ों के कारण कई बार बसे बसाए घर टूटने की कगार पर पहुंच जाते है वहीं कुछ टूट भी जाते है। आपको बता दें कि परिवार में बच्चों के सामने लड़ाई झगड़ा होना करना एक बड़ी मुसीबत को खड़ा करना है, क्योंकि बच्चों पर इन झगड़ों का काफी असर पड़ता है। अभी हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसे सुनकर आप लोग भी हैरा-नी में पड़ जायेगें।     

आपको बता दें कि इस घटना के अनुसार बच्चों ने ये कदम उठाने से पहले एक पत्र में लिखा है कि “मम्मी-पापा हम आप लोगों की रोज-रोज की लड़ाई से तंग आकर घर छोड़कर जा रहे हैं। जितने दिन हम आपके पास रहे, हमें बहुत अच्छा लगा। लगता है भगवान को हमारा इतने दिनों तक ही साथ रहना मंजूर था। हां… अब हमें खोजने की कोशिश करने से कोई फायदा नहीं होगा। हमने बहुत सोच समझकर घर छोड़ने का फैसला लिया है। अपने मम्मी-पापा के नाम ये मार्मिक कहानी लिखकर भाई-बहन बीते रविवार दोपहर को घर छोड़कर कहीं चले गए। परिजनों ने जब ये पत्र पढ़ा तो अवाक रह गए। पुलिस को सूचना दी। सोशल मीडिया पर दोनों की फोटो वायरल कर उनकी तलाश की जा रही है।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि मूल रूप से कानपुर देहात के कैंजरी निवासी लालाराम गुजरात में एक कोल्डस्टोरेज में नौकरी करते थे। तीन महीने पहले नौकरी छूटने के बाद कल्याणपुर के मकखड़ीखेड़ा में आकर किराये पर रहने लगे। घर के खर्चों को लेकर आए दिन पत्नी सावित्री से झगड़ा होने लगा। इससे उनकी बेटी कक्षा नौ की छात्रा प्रिया (15) व कक्षा सात में पढ़ने वाला बेटा नैतिक (13) परेशान हो गए। विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज इंदु यादव ने बताया कि रविवार दोपहर दोनों बच्चे घर से मंदिर जाने की बात बोलकर निकले थे। काफी देर तक न लौटने पर माता-पिता ने उनकी तलाश शुरू की। शाम को बच्चों द्वारा लिखा गया पत्र माता-पिता के हाथ लगा। पत्र में बच्चों ने उनके झगड़े से तंग आकर घर छोड़ने की बात लिखी है। बच्चों ने लिखा कि ‘हम दोनों आप लोगों से बहुत प्यार करते हैं। हम आप पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं। अब आप लोगों के ऊपर हमारी जिम्मेदारी नहीं है। इसलिए आप दोनों अपने पेट के लिए कोई न कोई काम कर सकते हैं। पापा! आप से एक ही विनती है कि अब मम्मी से मत लड़ना। यहां से जाने के बाद हमारी अच्छे से पढ़ाई लिखाई हो जाएगी। हमें माफ कर देना। थाना प्रभारी वीर सिंह ने बताया कि अनाथ आश्रम, बस अड्डा से लेकर सेंट्रल स्टेशन तक में बच्चों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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