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इस बार मुहर्रम पर नहीं निकलेगा ताजिया और जुलूस

हमारे देश में कई ऐसे त्योहार है जो हर साल बड़े धूम धाम से मनाये जाते है लेकिन को विड के चलते हर त्यौहार के लिए कुछ विशेष गाइड लाइंस बनाई जाती है जिसे मान कर ही उन त्योहारों को मनाया जाता आ रहा है ! अब अगस्त महीने में आने वाला त्यौहार मुहर्रम की भी गाइड लाइंस तैयार हो चुकी है ! आपको बता दें कि मुहर्रम को पुरे देश में बहोत धूम धाम से मनाया जाता है जिसमें काफी बड़ा जलूस निकाला जाता है ! लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पायेगा !

मुहर्रम हमारे देश में विशेष समुदाय का एक पवित्र त्यौहार है। देश भर में यह बड़े स्तर पर मनाया जाता है। जुलूस निकाल कर यह त्यौहार मनाया जाता है। इस पर्व को लेकर पुलिस और प्रशासन हर साल गाइडलाइंस जारी करते हैं। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल ने रविवार को मुहर्रम को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस गाइडलाइन में मोहर्रम जुलूस को लेकर क्या कहा गया है। साथ ही इसमें क्या जानकारी दी गई है। इसकी पूरी जानकारी इस खबर में है।

गाइडलाइन में लिखी यह बात

आपको बता दें कि यूपी (UP) में 19 अगस्त को प्रशासन ने किसी भी तरीके का जुलूस निकालने पर पाबंदी लगाई है। साथ ही सरकार ने धर्मगुरुओं से संवाद कर कोविड-19 के दिशा निर्देशों का भी ध्यान रखने को कहा है। गौरतलब है कि डीजीपी कार्यालय से मुहर्रम को लेकर जारी दिशा निर्देश में शिया समुदाय की ओर से तबर्रा पढ़ने की बात कही गई है। इसमें जानकारी दी गयी है कि कुछ असामाजिक तत्व जानवरों की पीठ पर और पतंगों पर ऐसी बातें लिखकर उड़ाते हैं, जिन पर सुन्नी समुदाय को ऐतराज होता है। इसी को लेकर यूपी में लॉ एंड आर्डर बि गड़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू करना चालू करता है।

विशेष समुदाय की भावनाएं होगी आहत

आपको जानकारी देने की मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन की गाइडलाइन से शिया समुदाय के भावनाओं को आहत पहुंची है। उन्होंने कहा कि मुहर्रम और शिया समुदाय पर सीधे तौर पर बेबुनियाद इल्जाम लगाए गए हैं। उन्होंने गाइडलाइन के ड्राफ्ट में थोड़ा बहुत परिवर्तन करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने ड्राफ्ट तैयार करने वालों की जाचं की मांग भी की है।

गाइडलाइन वापस न लेने पर हो सकता है ये काम

गौरतलब है कि मौलाना सैफ अब्बास नकवी इससे खुश नही है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन में बीते 40 साल पुरानी बातों को खोद कर शिया समुदाय पर अनुचित इल्जाम लगाए गए हैं। आपको बता दें कि इसके जरिये शिया समुदाय की भावनाओं को आहत करने की बात गई है। मौलाना ने डीजीपी मुकुल गोयल (DGP Mukul Goel) से इस पत्र को वापस लेने और संबंधित लोगों पर कार्र वाई की मांग की।

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