Breaking News
Home / राजनीती / विपक्ष करता रहा शोर ,मोदी सरकार ने एक और विधायक कर दिया पारित

विपक्ष करता रहा शोर ,मोदी सरकार ने एक और विधायक कर दिया पारित

19 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। पांच-छह दिन होने के बाद भी संसद की कार्य वाही कुछ ही घंटों तक चल सकी है। वर्तमान समय में अन्य दल मात्र दो ही मसलो  पर बात करने के लिए रहते हैं। पहले मुद्दा है कृषि कानून और दूसरा पेगासस। इन दोनों मुद्दों से परे कोई सदन में बात ही नहीं करना चाहता सिवाय सत्ता पक्षीय दल के। बीते सोमवार को भी सदन को बार-बार स्थगित कर विधेयक पर चर्चा की गई थी। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदन में 2 नए विधेयकों पर चर्चा के बाद इन्हें पारित करने जा रही है। क्या है इन दोनों विधेयक में, आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं।

ये हैं दोनो विधेयक

संसद में पेश हुए पहले विधयेक का नाम है “राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंध संस्थान विधेयक 2021 (National Institute of Food Technology Enterprenuership and Management Bill)। संसद में पारित दूसरा विधयेक का नाम “फैक्टर विनियमन संशोधन विधेयक 2020 (Factoring Regulation Amend Bill)। आपको बता दें कि इन दोनो विधेयक का जनता से सीधे लगाव है। अगर यह दोनों विधेयक कानून बन गया तो जनता को इसका बहुत लाभ मिलेगा।

फैक्टर विनियमन संशोधन विधेयक क्या है?

फैक्टर विनियमन संशोधन विधेयक 2020 के अनुसार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों को ऋण लेने के लिए कोई अन्य रास्ता सुझाया गया है। फैक्टर विनियमन संशोधन विधेयक 2020 को पिछले साल ही निचले सदन में 14 सितंबर को पेश किया गया था। इसके ही माध्यम से फैक्टर विनियमन अधिनियम 2011 में अब संसोधित किया जा रहा है। जब एक व्यक्ति अपनी प्राप्तियां, जिनका भुगतान नहीं हुआ हो, उसे किसी दूसरे पक्ष से बेच देता है तो उसे फैक्टरिंग कहते हैं।

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान विधेयक– 2021 क्या है?

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने इस कानून को लेकर कहा था कि खाद्य प्रसंस्करण का क्षेत्र कई अन्य तरीको से फायदा दे सकता है। यह खाद्य पदार्थों की ब र्बादी नहीं होने देगा। इस से लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारे उत्पादों को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी। यही वजह है कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय बनाया गया है और साथ ही साथ इसका समाधान भी किया गया है। इससे आम जनता को बहुत ही ज्यादा फायदा मिलने वाला है। यह सीधे तौर पर मिडिल क्लास फैमिली से जुड़ा हुआ है।

Check Also

इस बार मुहर्रम पर नहीं निकलेगा ताजिया और जुलूस

हमारे देश में कई ऐसे त्योहार है जो हर साल बड़े धूम धाम से मनाये …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *