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देश का पहला रेलवे स्टेशन, जहाँ रेलवे ट्रैक पर बना आलीशान फाइव स्टार होटल, देखे तस्वीरें

प्रधानमंत्री मोदी ने 16 जुलाई यानी आज गांधीनगर स्टेशन एवं होटल का लोकार्पण किया । इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार लोहिया के मुताबिक देश में पहली बार किसी रेलवे स्टेशन पर होटल का निर्माण हुआ है।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन तैयार किया गया है। देश में पहली बार स्टेशन के ऊपर फाइव स्टार होटल का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन व होटल पर सामाजिक व पारिवारिक समारोह का आयोजन करने के लिए वातानुकूलित हॉल व 1100 मीटर की खुली जगह उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री मोदी 16 जुलाई को गांधीनगर स्टेशन एवं होटल का लोकार्पण करेंगे। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार लोहिया के मुताबिक, देश में पहली बार किसी रेलवे स्टेशन पर होटल का निर्माण हुआ है।

गांधीनगर रेलवे एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (गरुड़) तथा इंडियन रेलवे का यह संयुक्त उपक्रम है, जिसमें गरुड़ की हिस्सेदारी 74 फीसद है। स्टेशन पर ढाई गुणा ढाई मीटर के 50 स्तंभों के ऊपर 318 कमरों का फाइव स्टार होटल बनाया गया। रेलवे स्टेशन से 22 मीटर ऊपर होटल है तथा वहां पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन के दोनों ओर अंडरपास भी दिए गए। महात्मा मंदिर के ठीक सामने नवनिर्मित रेलवे स्टेशन तथा पांच सितारा होटल के निर्माण से महात्मा मंदिर पर आयोजित सेमिनार कॉन्फ्रेंस अंतरराष्ट्रीय स्तर की बिजनेस मीट में शामिल होने वाले उद्यमियों, सेलर्स व बायर्स के लिए बड़ी सुविधा होगी। रेलवे स्टेशन दिव्यांगों के लिए 100 फीसद अनुकूल हो इस तरह निर्मित किया गया है। रेलवे स्टेशन के दोनों ओर 105 मीटर की लोहे की मेहराब लगाई गई है, जिसमें कहीं पर भी जोड़ नहीं है। स्टेशन के बाई ओर बनाया गया विशाल वातानुकूलित हॉल सामाजिक व पारिवारिक समारोह के लिए भी उपलब्ध होगा। इसके बाहर ही 11 मीटर का खुला स्थल है।

गांधीनगर स्टेशन से प्रतिदिन सात ट्रेनें गुजरती है। इनमें से हाल ही शुरू की गई गांधीनगर वाराणसी तथा अहमदाबाद वनेठा वाया वड़नगर मेमू ट्रेन शामिल है। यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है। प्रोजेक्ट की लागत 793 करोड रुपये है, जिसमें से 93 करोड़ स्टेशन पर खर्च हुए हैं। गरुड़ के संयुक्त प्रबंध निदेशक पीएम चौधरी ने बताया कि स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म, दो एस्केलेटर्स, तीन एलिवेटर तथा दो पेडेस्ट्रियन सबवे का निर्माण किया गया है।

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